आर्थिक अवस्था
नगरपालिकाको आर्थिक संरचना र विकासको विश्लेषण
प्रमुख आर्थिक विवरण
आर्थिक सम्बृद्धिका आधारहरू नगरपालिकामा हुने मुख्य आर्थिक क्रियाकलापहरू नै हुन् । जति आर्थिक क्रियाकलापहरूमा तीब्रता आउँछ त्यति नै नगरपालिकाको अर्थतन्त्र चलायमान र सुदृढ हुँदै जान्छ । मुख्यतयाः नेपाली अर्थतन्त्र कृषि, पर्यटन, साना तथा घरेलु उद्योग, वैदेशिक रोजगार, बैङ्किङ, व्यापार, सेवा क्षेत्र आदिमा केन्द्रित छ । उच्च प्रविधिमा आधारित अन्तराष्ट्रियस्तरका उद्योगहरूको विकास भई नसकेको अवस्थामा धेरै जसो आर्थिक क्रियाकलापहरू निर्वाहमूखी नै रहेका छन् ।
४.१.१ आर्थिक कामको औद्योगिक क्षेत्र वर्गीकरण अनुसारको जनसंख्या
तालिका नं. 23: आर्थिक रुपले सकृय जनसंख्याको मूख्य औद्योगिक क्षेत्र अनुसारको विवरण
| आर्थिक कामको क्षेत्र वा उद्योग | ६ महिना वा सो भन्दा बढी | ३ देखि ५ महिना | १ देखि २ महिना | जम्मा |
|---|---|---|---|---|
| कृषि वन तथा पशुपालन | 12,852 | 4,114 | 3,523 | 20,489 |
| खानी तथा उत्खनन् | 29 | 10 | 3 | 42 |
| औद्योगिक उत्पादन | 469 | 56 | 42 | 567 |
| विद्युत ग्याँस बाफ तथा वातानुकुलित सेवा | 44 | 6 | 3 | 53 |
| पानीको आपूर्ति ढल निकास, फोहोर व्यवस्थापन | 27 | 1 | 2 | 30 |
| निर्माण | 1,065 | 450 | 462 | 1,977 |
| थोक एवं खुद्रा व्यापार | 1,172 | 705 | 945 | 2,822 |
| यातायात तथा भण्डारण | 361 | 33 | 8 | 402 |
| आवास तथा भोज सम्बन्धी कृयाकलाप | 184 | 16 | 5 | 205 |
| सूचना तथा सञ्चार | 43 | 3 | 0 | 46 |
| घर जग्गा कारोबारका लागि | 134 | 3 | 3 | 140 |
| पशु चिकित्सा तथा पशु स्वास्थ्य सम्बन्धी | 4 | 1 | 0 | 5 |
| पेशागत, वैज्ञानिक तथा प्राविधिक कृयाकलापहरु | 40 | 3 | 1 | 44 |
| प्रशासनिक तथा सहयोगी सेवाका कृयाकलापहरु | 20 | 1 | 1 | 22 |
| सार्वजनिक प्रशासन र सुरक्षा सम्बन्धी कृयाकलाप | 241 | 9 | 8 | 258 |
| शिक्षा सम्बन्धी | 671 | 17 | 10 | 698 |
| मानव स्वास्थ्य तथा सामाजिक कार्य सम्बन्धी | 136 | 8 | 1 | 145 |
| कला मनोरञ्जनसँग सम्बन्धी | 22 | 3 | 0 | 25 |
| अन्य | 104 | 292 | 374 | 770 |
| घर परिवारका घरायसी कृयाकलाप सम्बन्धी | 138 | 72 | 42 | 252 |
| बाह्य संघ संस्था तथा यसका अंगहरु सम्बन्धी | 9 | 0 | 0 | 9 |
| उल्लेख नभएको | 0 | 0 | 0 | 0 |
| जम्मा | 17,765 | 5,803 | 5,433 | 29,001 |
आर्थिक क्रियाकलाप अवधि (विभिन्न क्षेत्रहरूमा)
स्रोत: राष्ट्रिय जनगणना, २०७८
नगरपालिकामा रहेका १० वर्ष उमेर समूह माथिका कुल जनसंख्या मध्ये २९,००१ जनाले कुनै न कुनै किसिमको आर्थिक क्रियाकलापमा आबद्ध भई आर्थिक आम्दानी गरिरहेका छन् । यी मध्ये सबैभन्दा बढी कृषि, वन तथा पशुपालन कार्यमा २०,४८९ जना संलग्न रहेका छन् । यसैगरी ६ महिना वा सो भन्दा बढी आम्दानीका क्रियाकलापमा संलग्न हुनेको संख्या १७,७६५, ३ महिना देखि ५ महिना सम्म आम्दानीका क्रियाकलापमा संलग्न हुनेको संख्या ५,८०३ रहेको छ भने १ देखि २ महिना मात्र आर्थिक क्रियाकलापमा संलग्न हुनेको संख्या ५,४३३ रहेको छ । जसको विस्तृत विवरण तालिकामा प्रस्तुत गरिएको छ ।
४.१.३ आयात तथा निर्यातको अवस्था
कुनै पनि नगरपालिका आर्थिक रूपले सबल हुनका लागि आयातभन्दा निर्यात बढी हुनु अनिवार्य छ । आयातभन्दा निर्यातको आयतन ठूलो हुँदा यसले व्यापार नाफा वृद्धि भई आर्थिकस्तर माथि उठ्न मद्दत गर्दछ । नगरपालिकाभित्र उत्पादन हुने उपजहरूलाई प्रवद्र्धन गरी स्थानीयस्तरमा उत्पादन हुने उपजमा आत्मनिर्भर भई निर्यात बढाउन सकेमात्र नगरपालिकाको आर्थिक हैसियत वृद्धि हुन सक्छ । नगरपालिकाबाट अदुवा, बेसार, धान, केरा, कागती लगायतका कृषि उपजहरु तथा बाख्रा, कुखुरा, बंगुर लगायतका पशुजन्य उत्पादनहरु निर्यात गर्ने गरिन्छ भने अतिरिक्त खाद्य सामग्री, तरकारी, लत्ता कपडा, घरायसी विद्युतीय उपकरण, निर्माण सामग्रीहरु, शिक्षण सामग्री, रसायनिक मल, फलफूल स्वास्थ्य औषधी तथा उपकरण जस्ता वस्तुहरुको आयात हुने गरेको छ । निर्यातभन्दा आयात बढी हुनुले नगरपालिकाको व्यापार घाटा स्पष्ट अनुमान गर्न सकिन्छ । यद्यपि यकिन तथ्याङ्कका लागि भने नगरपालिकाले विशेष पहलकदमी लिन जरुरी छ ।
४.१.४ औद्योगिक कच्चा पदार्थ उत्पादनको अवस्था
स्थानीय श्रोतमा आधारित कच्चा पदार्थको प्रचुरताका हिसाबले नेपाल सम्पन्न रहेतापनि यसको दिगो सदुपयोगमा भने निकै पछाडि परेको यथार्थ हामी सामु छ । हामी कहाँ उपलब्ध श्रोतहरूमा काठ, जडिबुटी, फलफूल, खाद्यान्न, तरकारी आदि पर्दछन् । यस प्रकारका कच्चा पदार्थहरूको व्यवसायिक उत्पादन र दिगो सदुपयोग गर्दा नगरपालिकाको अर्थतन्त्रमा प्रत्यक्ष सकारात्मक योगदान पुग्दछ । साथै व्यवसायिक पशुपालनबाट पनि प्रशस्त लाभ उठाउन सकिन्छ ।
४.१.५ वैदेशिक रोजगारीमा गएकाहरूको विवरण
यस नगरपालिकाबाट विभिन्न देशहरूमा वैदेशिक रोजगारीमा जानेहरूको संख्या ४,०१६ रहेको छ । उमेरगत रूपमा विश्लेषण गर्दा सबैभन्दा बढी २५–३४ उमेर समूहका १,६१६ जना वैदेशिक रोजगारीमा गएका छन् भने सबैभन्दा कम ६५ वर्ष माथि उमेर समूहका १२ जना वैदेशिक रोजगारीमा गएका छन् । वैदेशिक रोजगारीमा गएका मध्ये सबैभन्दा बढी मध्यपूर्वी देश जानेहरुको संख्या रहेको छ ।
तालिका नं. 28: नगरपालिकामा रहेका वैदेशिक रोजगारीमा गएका जनसंख्याको विवरण
| उमेर समूह | लिङ्ग | भारत | सार्क | एशियन | मध्यपूर्व | अन्य एशियन | युरोप | अन्य युरोप | उत्तर अमेरिका | जम्मा |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ०-१४ वर्ष | पुरुष | 35 | 0 | 8 | 12 | 2 | 0 | 8 | 7 | 72 |
| ०-१४ वर्ष | महिला | 38 | 0 | 2 | 3 | 2 | 0 | 5 | 11 | 63 |
| ०-१४ वर्ष | जम्मा | 73 | 0 | 10 | 15 | 4 | 0 | 13 | 18 | 135 |
| १५-२४ वर्ष | पुरुष | 169 | 2 | 277 | 759 | 48 | 10 | 32 | 9 | 1,326 |
| १५-२४ वर्ष | महिला | 28 | 0 | 13 | 65 | 43 | 13 | 18 | 7 | 198 |
| १५-२४ वर्ष | जम्मा | 197 | 2 | 290 | 824 | 91 | 23 | 50 | 16 | 1,524 |
| २५-३४ वर्ष | पुरुष | 85 | 4 | 261 | 959 | 44 | 20 | 21 | 16 | 1,421 |
| २५-३४ वर्ष | महिला | 30 | 0 | 20 | 78 | 16 | 13 | 19 | 10 | 195 |
| २५-३४ वर्ष | जम्मा | 115 | 4 | 281 | 1037 | 60 | 33 | 40 | 26 | 1,616 |
| ३५-४४ वर्ष | पुरुष | 36 | 1 | 115 | 340 | 11 | 6 | 8 | 8 | 530 |
| ३५-४४ वर्ष | महिला | 6 | 0 | 3 | 25 | 4 | 2 | 4 | 2 | 47 |
| ३५-४४ वर्ष | जम्मा | 42 | 1 | 118 | 365 | 15 | 8 | 12 | 10 | 577 |
| ४५-५४ वर्ष | पुरुष | 26 | 1 | 7 | 47 | 4 | 1 | 1 | 0 | 87 |
| ४५-५४ वर्ष | महिला | 3 | 1 | 0 | 1 | 0 | 0 | 4 | 0 | 9 |
| ४५-५४ वर्ष | जम्मा | 29 | 2 | 7 | 48 | 4 | 1 | 5 | 0 | 96 |
| ५५-६४ वर्ष | पुरुष | 4 | 0 | 1 | 1 | 0 | 0 | 2 | 1 | 9 |
| ५५-६४ वर्ष | महिला | 2 | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 | 5 | 0 | 7 |
| ५५-६४ वर्ष | जम्मा | 6 | 0 | 1 | 1 | 0 | 0 | 7 | 1 | 16 |
| ६५ वर्षदेखि माथि | पुरुष | 2 | 0 | 0 | 1 | 0 | 0 | 3 | 0 | 6 |
| ६५ वर्षदेखि माथि | महिला | 1 | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 | 4 | 1 | 6 |
| ६५ वर्षदेखि माथि | जम्मा | 3 | 0 | 0 | 1 | 0 | 0 | 7 | 1 | 12 |
| उल्लेख नभएको | पुरुष | 9 | 0 | 4 | 13 | 3 | 0 | 0 | 1 | 31 |
| उल्लेख नभएको | महिला | 2 | 0 | 0 | 2 | 2 | 0 | 2 | 1 | 9 |
| उल्लेख नभएको | जम्मा | 11 | 0 | 4 | 15 | 5 | 0 | 2 | 2 | 40 |
| जम्मा | 476 | 9 | 711 | 2306 | 179 | 65 | 136 | 74 | 4,016 | |
वैदेशिक रोजगार गन्तव्य (जम्मा)
स्रोत: राष्ट्रिय जनगणना, २०७८
४.१.६ सुकुम्बासी सम्बन्धी विवरण
नेपालमा परिवारको जमिन माथिको स्वामित्वको विषयलाई आर्थिक हैसियतसँग गाँसेर हेरिन्छ । नेपालको अर्थतन्त्र कृषिमा आधारित हुँदा जमिनमाथिको स्वामित्वलाई आर्थिक हैसियतसँग गाँसेर हेर्नु स्वभाविक भए तापनि पछिल्लो समय वैदेशिक रोजगार लगायत अन्य सेवा क्षेत्रमा मानिसहरूको पहुँच वृद्धि हुँदा गैह्र कृषि क्षेत्रबाट आफ्नो आर्थिक हैसियत निर्माण गर्ने परिपाटी सुरु भएको पाईन्छ । अर्कोतर्फ जमिनमाथिको स्वामित्वलाई आफ्नो थातथलो वा आवास स्थलको रुपमा समेत हेरिन्छ । यसर्थ हरेक नागरिकको जमिनमाथिको स्वामित्वलाई सदियौंदेखि एक प्रमुख आर्थिक सामाजिक तथा राजनैतिक मुद्दाको रूपमा हेरिँदै आएको छ । त्यस्तै नेपालमा जमिनको वितरण अवैज्ञानिक रहेको छ ।
४.१.२ आवास संरचना विवरण
क) घरको स्वामित्वको आधारमा घरधुरीको विवरण
यस नगरपालिकामा घरको स्वामित्वको आधारमा ४ प्रकारका आवास संरचनाहरूको प्रयोग गरेको पाउन सकिन्छ । निजी स्वामित्वको घरमा बसोबास गरिरहेका घरधुरीहरू १२,०६९ अर्थात ९५.०१ प्रतिशत रहेका छन् । त्यसैगरी भाडामा बसोबास गर्नेको संख्या ४०२ अर्थात ३.१६ प्रतिशत रहेको छ । संस्थागत घरहरूमा बसोबास गर्नेहरू ६६ परिवार अर्थात ०.५२ प्रतिशत रहेका छन् भने स्रोत नखुलेको अवस्थाका घरपरिवारहरू १६६ अर्थात १.३१ प्रतिशत रहेका छन् । भूकम्पीय दृष्टिकोणले संवेदनशील रहेको नेपालमा घरहरू निर्माण गर्दा भूकम्प प्रतिरोधात्मक बनाउनु आवश्यक छ । अति विपन्न परिवारका लागि एकीकृत बस्ती निर्माण गरी सरकारले उनीहरूको आवास सुरक्षाको अधिकार सुनिश्चित गरेको खण्डमा राज्यको लोककल्याणकारी भूमिका पुष्टी हुन्छ ।
तालिका नं. 24: घरको स्वामित्वको आधारमा घरपरिवारको विवरण
| वडा नं. | निजी | भाडामा | संस्थागत | अन्य | जम्मा |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 767 | 3 | 2 | 1 | 773 |
| 2 | 1,090 | 10 | 35 | 9 | 1,144 |
| 3 | 988 | 9 | 0 | 3 | 1,000 |
| 4 | 1,592 | 56 | 2 | 18 | 1,668 |
| 5 | 1,507 | 5 | 5 | 6 | 1,523 |
| 6 | 1,242 | 98 | 5 | 7 | 1,352 |
| 7 | 1,236 | 169 | 11 | 11 | 1,427 |
| 8 | 820 | 25 | 2 | 14 | 861 |
| 9 | 1,779 | 15 | 1 | 11 | 1,806 |
| 10 | 1,048 | 12 | 3 | 86 | 1,149 |
घरको जगको प्रकार (जम्मा)
घरको स्वामित्व स्थिति (जम्मा)
ख) जगको आधारमा घरधुरीको विवरण
तालिका नं. 25: जगको आधारमा घरधुरीको विवरण
| वडा | माटोको जोडाइ | सिमेन्टको जोडाइ | ढलान पिल्लर | काठको खम्बा | अन्य | जम्मा |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 346 | 45 | 11 | 362 | 9 | 773 |
| 2 | 501 | 250 | 104 | 286 | 3 | 1,144 |
| 3 | 40 | 132 | 76 | 750 | 2 | 1,000 |
| 4 | 239 | 330 | 105 | 990 | 4 | 1,668 |
| 5 | 48 | 457 | 103 | 908 | 7 | 1,523 |
| 6 | 38 | 208 | 426 | 673 | 7 | 1,352 |
| 7 | 125 | 421 | 355 | 523 | 3 | 1,427 |
| 8 | 236 | 133 | 21 | 469 | 2 | 861 |
| 9 | 294 | 322 | 150 | 1,033 | 7 | 1,806 |
| 10 | 199 | 139 | 100 | 707 | 4 | 1,149 |
| जम्मा | 2,066 | 2,437 | 1,451 | 6,701 | 48 | 12,703 |
स्रोत: राष्ट्रिय जनगणना, २०७८
ग) बाहिरी गारोको आधारमा घरधुरीको विवरण
तालिका नं. 26: बाहिरी गारोको आधारमा घरधुरीको विवरण
| वडा | माटो ढुङ्गा | सिमेन्ट ढुङ्गा | काठ | बाँस | इँटा | जस्ता | अन्य | जम्मा |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 182 | 20 | 192 | 339 | 1 | 35 | 4 | 773 |
| 2 | 124 | 317 | 311 | 353 | 0 | 39 | 0 | 1,144 |
| 3 | 29 | 199 | 481 | 225 | 1 | 63 | 2 | 1,000 |
| 4 | 147 | 418 | 347 | 680 | 3 | 65 | 8 | 1,668 |
| 5 | 44 | 539 | 64 | 862 | 0 | 7 | 7 | 1,523 |
| 6 | 37 | 617 | 284 | 362 | 19 | 31 | 2 | 1,352 |
| 7 | 119 | 693 | 283 | 288 | 1 | 43 | 0 | 1,427 |
| 8 | 40 | 111 | 371 | 306 | 4 | 28 | 1 | 861 |
| 9 | 280 | 445 | 200 | 851 | 5 | 20 | 5 | 1,806 |
| 10 | 159 | 263 | 94 | 628 | 3 | 0 | 2 | 1,149 |
| जम्मा | 1,161 | 3,622 | 2,627 | 4,894 | 37 | 331 | 31 | 12,703 |
स्रोत: राष्ट्रिय जनगणना, २०७८
घ) घरको भुँईको आधारमा घरधुरी विवरण
यस नगरपालिकामा घरको भुँईको आधारमा ६ प्रकारका आवास संरचनाहरूको प्रयोग गरेको पाउन सकिन्छ । माटोको भुँई प्रयोग गरिरहेका घरधुरीहरु ६,८८३ अर्थात् ५४.१८ प्रतिशत रहेका छन् । त्यसैगरी काठको फल्याक/बाँसको प्रयोग गर्ने घरधुरीको संख्या १८५ अर्थात १.४६ प्रतिशत, इँटा/ढुङ्गाको प्रयोग गर्ने घरधुरीको संख्या २७२ अर्थात २.१४ प्रतिशत, सेरामिक टायलको प्रयोग गर्ने घरधुरीको संख्या ७४ अर्थात ०.५८ प्रतिशत, सिमेन्ट ढलानको प्रयोग गर्ने घरधुरीको संख्या ५,२४४ अर्थात ४१.२८ प्रतिशत र स्रोत नखुलेका अवस्थाका घरधुरीहरु ४५ अर्थात ०.३५ प्रतिशत रहेका छन् । यसैगरी घरको छानोको आधारमा जस्ता/टिनको छानो भएका परिवार १०,६३२ अर्थात ८३.७० प्रतिशत, सिमेन्ट ढलान भएको छानोमा बस्ने १,३४२ अर्थात १०.५६ प्रतिशत र टायल/खपडा/झिँगटी भएको छानोमा बस्ने ३४६ अर्थात २.७२ प्रतिशत रहेका छन् । भूकम्पीय दृष्टिकोणले संवेदनशील रहेको नेपालमा घरहरू निर्माण गर्दा भूकम्प प्रतिरोधात्मक बनाउनु आवश्यक छ । अति विपन्न परिवारका लागि एकीकृत बस्ती निर्माण गरी सरकारले उनीहरूको आवास सुरक्षाको अधिकार सुनिश्चित गरेको खण्डमा राज्यको लोककल्याणकारी भूमिका पुष्टी हुन्छ । जसको विस्तृत विवरण तालिकामा प्रस्तुत गरिएको छ ।
तालिका नं. 27: घरको भुँईको आधारमा घरधुरीको विवरण
| वडा | माटो | काठ/बाँस | इँटा/ढुङ्गा | टायल | सिमेन्ट | अन्य | जम्मा |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 665 | 30 | 5 | 5 | 65 | 3 | 773 |
| 2 | 727 | 14 | 6 | 4 | 392 | 1 | 1,144 |
| 3 | 674 | 2 | 1 | 4 | 318 | 1 | 1,000 |
| 4 | 855 | 18 | 17 | 16 | 758 | 4 | 1,668 |
| 5 | 823 | 5 | 17 | 2 | 671 | 5 | 1,523 |
| 6 | 457 | 19 | 43 | 9 | 816 | 8 | 1,352 |
| 7 | 462 | 29 | 64 | 14 | 853 | 5 | 1,427 |
| 8 | 607 | 28 | 6 | 3 | 212 | 5 | 861 |
| 9 | 947 | 36 | 97 | 8 | 709 | 9 | 1,806 |
| 10 | 666 | 4 | 16 | 9 | 450 | 4 | 1,149 |
| जम्मा | 6,883 | 185 | 272 | 74 | 5,244 | 45 | 12,703 |
स्रोत: राष्ट्रिय जनगणना, २०७८
ङ) छानोको आधारमा घुरधुरीको विवरण
| वडा | जस्ता/टिन | सिमेन्ट | फूस | टायल/खपडा | ढुङ्गा | काठ | अन्य | जम्मा |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 662 | 6 | 72 | 28 | 1 | 4 | 0 | 773 |
| 2 | 1,035 | 67 | 21 | 17 | 3 | 1 | 0 | 1,144 |
| 3 | 882 | 62 | 9 | 45 | 0 | 1 | 1 | 1,000 |
| 4 | 1,346 | 180 | 40 | 99 | 1 | 0 | 2 | 1,668 |
| 5 | 1,361 | 97 | 27 | 30 | 5 | 1 | 2 | 1,523 |
| 6 | 920 | 400 | 5 | 18 | 3 | 5 | 1 | 1,352 |
| 7 | 1,040 | 355 | 2 | 18 | 10 | 2 | 0 | 1,427 |
| 8 | 784 | 16 | 32 | 23 | 2 | 3 | 1 | 861 |
| 9 | 1,612 | 83 | 63 | 34 | 13 | 0 | 1 | 1,806 |
| 10 | 990 | 76 | 41 | 34 | 8 | 0 | 0 | 1,149 |
| जम्मा | 10,632 | 1,342 | 312 | 346 | 46 | 17 | 8 | 12,703 |
स्रोत: राष्ट्रिय जनगणना, २०७८
४.२ भू–उपयोग तथा स्वामित्व
भूमि महत्वपूर्ण प्राकृतिक साधन हो । आर्थिक विकासको लागि यसको समुचित उपयोग गर्नु पर्दछ । भूमिलाई कृषि, आवास, सडक, पिउने पानी, सिँचाई, विद्युत तथा उर्जा, सूचना तथा सञ्चार आदिको प्रवन्धको लागि प्रयोग गर्ने गरिन्छ । यस खण्डमा विशेष गरी नगरपालिकाको भू–उपयोग र भू–आवरणको वस्तुगत चित्रण गरिएको छ ।
४.२.१ भू–उपयोगको वितरण
यस नगरपालिकाको वर्तमान भू–उपयोगलाई हेर्दा ५७.७५ प्रतिशत अर्थात् सबैभन्दा धेरै वन क्षेत्रले ओगटेको छ भने दोस्रोमा कृषिले ओगटेको क्षेत्र रहेको छ । उपलब्ध जमिन मध्ये खेतीयोग्य जमिनको अंश राम्रो रहेको छ । सम्पूर्ण खेतीयोग्य जमिनमा वैज्ञानिक कृषि प्रणाली अवलम्बन गर्न सके उत्पादनको राम्रो सम्भावना देखिन्छ । यस पालिकाको भू-उपयोगको अर्को उल्लेखनीय पक्ष भनेको यहाँको वनजंगल तथा वनस्पतीले ढाकेको क्षेत्र हो । समग्र भू-भागको ५७.७५ प्रतिशत वनक्षेत्र रहनु पालिकाबासीको लागि सुखद रहेको छ । यहाँको अन्य भू-उपयोगको विस्तृत विवरण तालिकामा उल्लेख गरिएको छ:
| भू–उपयोगका क्षेत्र | क्षेत्रफल (वर्ग कि.मि.) | क्षेत्रफल प्रतिशतमा |
|---|---|---|
| कृषि | 84.29 | 29.7 |
| व्यवसायिक क्षेत्र | 0.37 | 0.13 |
| धार्मिक क्षेत्र | 0.13 | 0.05 |
| वनजंगल क्षेत्र | 163.88 | 57.75 |
| जल क्षेत्र | 23.89 | 8.42 |
| औद्योगिक क्षेत्र | 0.19 | 0.07 |
| अन्य | 0.26 | 0.09 |
| सार्वजनिक उपयोगको क्षेत्र | 3.79 | 1.34 |
| आवास क्षेत्र | 6.98 | 2.46 |
| जम्मा | 283.78 | 100 |
भू-उपयोगको अवस्था (क्षेत्रफल अनुसार)
नक्सा नं. 5: नगरपालिकाको भू–उपयोग नक्शा
स्रोत: GIS तथ्याङ्कमा आधारित
४.२.२ खेतीयोग्य जमिन सम्बन्धी विवरण
वैज्ञानिक र व्यवसायिक ढङ्गले भू–उपयोग नहुँदा कृषि क्षेत्रमा ठुलो घाटा व्यहोर्नु परेको अवस्था छ । नगरमा उपलब्ध सम्पूर्ण खेतियोग्य जमिनको वैज्ञानिक र व्यवसायिक ढङ्गले सदुपयोग हुन सकेको पाइँदैन् खेतीयोग्य जमिनको उपलब्धता भएपनि पूर्ण सदुपयोग नहुँदा एकातर्फ जमिन बाँझो हुँदै जाने त अर्कोतर्फ कृषि उत्पादनमा कमी भई आयात गर्नुपर्ने अवस्था श्रृजना हुन सक्छ । भू–सूचना प्रणालीबाट प्राप्त तथ्याङ्क अनुसार नगरपालिकामा ८४.२९ वर्ग कि.मि. अर्थात २९.७० प्रतिशत जमिन खेतीयोग्य रहेको छ ।
जमिन खेतीयोग्य भएर मात्र हुँदैन् त्यसमा सिँचाईको सुविधा हुनुपर्दछ । खेतीयोग्य जमिनमा खेतीपाती गरी पूर्ण सदुपयोग गर्न त्यसमा सिँचाईको सुविधा पुर्याउनु अनिवार्य हुन्छ । तसर्थ स्थानीय तहहरूले आफ्नो क्षेत्रमा रहेको खेतीयोग्य जमिनको यथार्थ विवरण तयार पारी त्यसमध्ये सिँचाई पुगेको र नपुगेको जमिनको समेत सही तथ्याङ्क हुनुपर्दछ । यस पश्चात सिँचाई नपुगेको जमिनमा एक वा वैकल्पिक उपायले सिँचाई पुर्याउन प्राथमिकता केन्द्रीत गर्नु आवश्यक हुन्छ । यस पालिकामा रहेका खेतीयोग्य जमिनमा विभिन्न सिँचाई आयोजनाहरु मार्फत सिँचाई गरिदै आइएको छ । नगरपालिकाबाट प्राप्त पछिल्लो तथ्याङ्क अनुसार पालिकामा रहेका सिँचाई आयोजनाहरुको विस्तृत विवरण तालिकामा प्रस्तुत गरिएको छ ।
सुकना पोखरीको ड्याम र सिंचाई प्रयोजन
| सि.नं. | सिँचाई आयोजना सम्बन्धी विवरण | सिंचित क्षेत्र |
|---|---|---|
| 1 | पँधेरे खोला सिँचाई योजना | १२ हेक्टर |
| 2 | चिसापानी कुलो | ६ हेक्टर |
| 3 | खुरखुरे साना सिँचाई योजना | २१ हेक्टर |
| 4 | सुन्दरी खोला सिँचाई योजना | १९ हेक्टर |
| 5 | विष्णुजग सिँचाई योजना | २१ हेक्टर |
| 6 | कालीटार तल्लो सिँचाई योजना | ६ हेक्टर |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.२.३ बाँझो जमिन सम्बन्धी विवरण
नगरहरुमा कतिपय क्षेत्रहरू प्रयोगहीन अवस्थामा बाँझो रहेका हुन्छन् । सबै प्रकारका जमिनहरूको एक वा अर्को प्रकारले सदुपयोग गर्न सकिन्छ । जमिन आफैमा एक अमूल्य प्राकृतिक सम्पदा हो । खेती नहुने क्षेत्रमा डालेघाँस वा जडिबुटी लगाउन सकिन्छ भने उपयुक्त स्थानहरूलाई खुल्ला क्षेत्र, मनोरञ्जन स्थल, पार्क वा बगैंचाको रुपमा समेत विकास गर्न सकिन्छ । खेती नहुने अवस्थामा आवास विकासका लागि समेत यस्तो जमिनको सदुपयोग गर्न सकिन्छ । यस नगरपालिकामा खोलाको किनारा तथा भिराला पाखा पखेराका जमिनहरु बाँझो अवस्थामा रहेका छन् ।
४.३ कृषि तथा पशु विकास
आज उच्चतम विकास हासिल गरेका औद्योगिक राष्ट्रहरूको विकासको मेरुदण्ड कृषि नै रहेको इतिहासले देखाउँछ । यूरोप, अमेरिका तथा एसियाली महाशक्तिशाली राष्ट्रहरूको सम्पन्नताको आधारशिला समेत कृषि क्रान्तिमा आधारित भएको पाइन्छ । तसर्थ तत्कालका लागि कृषि बाहेकका अन्य विकल्पहरू न्यून रहेको र कृषिमा पर्याप्त सम्भावना रहेको हाम्रो देशमा विकासका अन्य महत्वाकांक्षी योजना कार्यान्वयन गर्नुपूर्व खाद्यान्न, फलफूल, तरकारीका साथै समग्र कृषि उपजहरूमा आत्मनिर्भर बनी निर्यात समेत वृद्धि गर्न कृषि क्षेत्रमा क्रान्ति नै गर्नुपर्ने पहिलो अनिवार्य आवश्यकता रहेको छ । उच्च प्रविधिहरू विकास भईसकेको आजको युगमा समेत हाम्रो निर्वाहमूखी परम्परागत खेती प्रणालीमा सिमित रहि रहनु एक प्रकारको विडम्बना नै हो । तसर्थ स्थानीय सरकारले सम्भाव्यता अध्ययन गरी व्यवसायिक र वैज्ञानिक कृषिका लागि आवश्यक सम्पूर्ण कृषि पूर्वाधारहरूको विकास मार्फत् कृषि उत्पादन र विकासमा क्रान्ति गर्नुपर्ने आवश्यकता रहेको छ ।
व्यवसायिक केरा खेति वार्ड ८ (चिनी चम्पा)
४.३.१ खाद्यान्न बालीमा लाग्ने रोग तथा किरा
कृषि बालीबाट अपेक्षित उत्पादन लिनका लागि बालीनालीको उचित स्याहार सम्भार आवश्यक छ । विशेषत बालीनालीलाई रोग तथा किराले आक्रमण गर्ने हुँदा रोग तथा किराबाट बच्न समयमै उच्च सतर्कता अपनाउने र रोकथाम बारे जानकारी हासिल गर्नु अति आवश्यक छ । अर्कोतर्फ बालीनालीमा लाग्ने र लाग्न सक्ने रोग तथा किराको सही ढङ्गले पहिचान हुन समेत जरुरी छ । रोग तथा किराको सही पहिचान हुन सके समयमै त्यसको रोकथाम हुन गई उत्पादनलाई सुरक्षित तथा वृद्धि गर्न सकिन्छ ।
तालिका नं. 29: खाद्यान्न बालीमा लाग्ने रोगको विवरण
| क्र.सं. | बाली | प्रमुख शत्रु जीव | प्रमुख रोग |
|---|---|---|---|
| 1 | धान | फड्के, फट्याङ्ग्रा गवारो, हिस्पा | मरुवा, डढुवा, खैरे रोग |
| 2 | गहुँ | कीटकिटे, धमिरा, लाहि | कालो पोके, पहेलो सिन्दुरे, खैरो सिन्दुरे, डढुवा, गन्हाउने कालो पोके आदि । |
| 3 | मकै | अमेरिकी फौजी कीरा, खुर्मे किरा, गवारो, फेदकटुवा आदि । | ध्वाँसे थोप्ले रोग, उत्तरी पाते डढुवा, दक्षिणी पाते डढुवा, डाँठ कुहिने रोग आदि । |
| 4 | तोरी | करौते झिङ्गा, लाहि | करौते झिङ्गा, लाहि आदि |
| 5 | आलु | फेदकटुवा, आलुको पुतली, रातो कमिला, लाहि आदि | फेदकटुवा, आलुको पुतली, रातो कमिला, लाहि आदि । |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.३.२ तरकारी तथा फलफूलमा लाग्ने रोग तथा किरा
तालिका नं. 30: तरकारी तथा फलफूलमा लाग्ने रोग तथा किरा
| क्र.सं. | बाली | प्रमुख रोग | प्रमुख शत्रु जीव |
|---|---|---|---|
| 1 | गोलभेडा | उडुवा—अगौटे, पछौटे आईलाउने, ममाजाईक आदि । | टुटायप्सूलूटा, सेतो झिंगा, लाही, फलको गवारो, पतेरो आदि । |
| 2 | काउली, बन्दा | सफ्टरट, ब्लाक रट, अल्टरवेरिया, क्लव रुट डेम्पीङ अफ आदि । | डाईमण्ड ब्याक मोथ, टोवाको क्याटरपिलर, लाही, उफ्रने फडके आदि । |
| 3 | आलू | डढुवा, मोजाइफ खैरो पिप, फेदकटुवा, लाही, चक्के आदि । | आलुको पुतली, रातो कमिला, पात खाने लाभ्रे आदि । |
| 4 | रायो | सफ्टरट , ब्लाक रट, अल्टरवेरिया, क्लव रुट डेम्पीङ अफ आदि । | डाईमण्ड ब्याक मोथ, टोवाको क्याटरपिलर, लाही, उफ्रने फडके आदि । |
| 5 | सुन्तला/कागती | पतेरो, लाही, फ्रूट फ्लाई, स्केल लिफ, जरा कुहिने रोग, फेद कुहिने, खराने/धुले, भाईनर,pink disease, anthracnose, दादे रोग (citrus scab), गुद निस्किने रोग (Gummosis), कालो ध्वाँसे] (sooty mould), Canker, Citrus greening, (Citrus tristeza virus CTV) लेमन डग आदि । | क्याकर, फूट रट, रुटरघ, हरियो पतेरा, फल कुहाउने झिंगा (fruit fly), स्वीटीमोल्ड, citrus psylla, Leaf miner, Red spider mite, blue bettle, stem & trunk borer, लाही, थ्रिप्स, निमाटोड, Lemon butterfly किरा आदि । |
| 6 | काँक्रो/फर्सी | पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू, मोजाइक भाईरस | Red pumpkin beetle, Aulacophora foveicollis, Fruit flies, Bacterocera cucurbitae, Aphids, Aphis gossyypii |
| 7 | सिमी/केराउ | सिन्दुरे रोग, खराने रोग | Soyabean hairy caterpillar, Spilarctia casigneta, Pod borers, Helicoverpa armigera, Coepea aphids, Aphis craccivora |
| 8 | आँप | खराने रोग, आँप फुट्ने रोग,ब्याक्टेरियल कालो थोप्ले रोग, धुलो ढुसी | Fruitfly, Stem Broer, Leaf webber, Stone weevil |
| 9 | केरा | गानो कुहिने रोग | केरा एफिड, स्यूडोस्टेम विभिल, कालो सिगाटोका, केरा कप्तान (एरियोनोटा थ्राक्स) |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.३.३ पशुपंक्षीमा लाग्ने रोग तथा किरा
कृषकहरूको मुख्य आम्दानीको स्रोतको रूपमा रहेको पशुपंक्षीहरूको पालन यस नगरपालिकाको प्रमुख पेशा मध्ये एक हो । नगरपालिकामा देखिने पशु रोगहरूमा नाम्ले, जुका, इपिमेरल फिवर, थुनेलो, मुहाले, पिपिआर, रिङवर्म, पुलोरम, इकोलाइ, सिआरडि, गम्वेसी, रेबिज, खोरेत, भ्यागुत्ते, चरचरे, स्वाइन फिवर र प्रजनन् सम्बन्धी पर्दछन् । नगरपालिकाको वन जंगलसँग जोडिएका वडाहरूमा एन्टी रेजिव खोप लगाउनुपर्ने देखिन्छ भने खोरेत, पिपिआर, स्वाइन फिवर जस्ता अत्यन्त संक्रामक रोगको प्रकोप पनि यस नगरपालिकामा एदाकदा देखिने गरेको छ । यसका कारणहरूलाई हेर्दा पशुको अवैध आवतजावत, दयनीय व्यवस्थापन, खोप लगाउनुपर्छ भन्ने चेतनाको कमी आदि मान्न सकिन्छ । यी रोगको नियन्त्रणका लागि नगरपालिकाबाट निरन्तर प्रयास भैरहेको देखिन्छ । जिवाणुबाट हुने रोगहरू मध्ये भ्यागुत्ते, चरचरे विरूद्ध यस नगरपालिकाका किसानहरूले खोप लगाउने गरेको पाइन्छ । तापनि यी रोगहरू फाटफुट रूपमा देखिने गरेका छन् । नगरपालिकामा स्वाइन फिवर, खोरेत, रेविज विरुद्धको खोपकार्य विभिन्न वडाहरूमा सञ्चालन गर्न सकेमा धेरै हदसम्म रोग नियन्त्रण गर्न सफल हुने देखिन्छ । सामान्यतया पशुपंक्षीमा ठूलो माहामारी फैलिएको पाइँदैन् । तथापि यहाँका पशुपंक्षीहरूमा खोरेत, भ्यागुते, चरचरे, नाम्लेजुका, रेवीज जस्ता रोगहरूको र पंक्षीहरूमा मुलत रानीखेत, गम्बोरा, सिआरडी र बर्डफ्लू मुख्य रूपमा लाग्ने गरेको पाइन्छ ।
४.३.४ व्यवसायिक कृषि तथा पशुपालन फर्महरूको विवरण
नेपालका अधिकांश क्षेत्रमा निर्वाहमूखी, परम्परागत र असंगठित खेती गर्ने प्रणाली विद्यमान छ । कृषि व्यवसायलाई सम्मानित, प्रतिफलमूखी र वैज्ञानिक बनाउन यसलाई संगठित र संस्थागत ढङ्गले विकास गर्न जरुरी छ । हाल देशका विभिन्न स्थानहरूमा व्यवसायिक कृषि फर्महरू दर्ता भई संगठित र संस्थागत हिसाबले खेतीपाती गर्ने अभ्यासको सुरुवात भएको छ । यसरी वैज्ञानिक हिसाबले फर्म दर्ता गरी कृषि व्यवसाय सञ्चालन गर्दा राज्यद्वारा दिइने अनुदान र प्रविधिहरू सहयोग प्रदान गर्न समेत सहयोग पुग्दछ । यसले कृषि व्यवसायलाई संगठित र व्यवसायिक बनाउन पनि मद्दत पुर्याउँछ । नगरपालिकामा दर्ता भइ सञ्चालनमा रहेका व्यवसायिक कृषि तथा पशुपालन फर्महरुको विवरण तालिकामा उल्लेख गरिएको छ ।
तालिका नं. 31: व्यवसायिक कृषि तथा पशुपालन फर्महरूको विवरण
| वडा नं. | व्यवसायिक कृषि तथा पशुपंक्षीपालन फर्महरूको विवरण |
|---|---|
| वडा न १. | कार्की कृषि बहुउद्देश्यीय उद्यमी फर्म |
| वडा न ८. | श्रेष्ठ कृषि तथा पशुपालन बहुउद्देश्यीय कृषि फर्म |
| वडा न २. | पवित्रा कृषि तथा पशुपंक्षी बहुउद्देश्यीय कृषि फर्म |
| वडा न २. | सम्झना च्याउ उद्योग |
| वडा न ९. | पंजियार बहुउद्देश्यीय कृषि तथा पशु फर्म |
| वडा न ८. | सिम्लगाछी बहुउद्देश्यीय कृषि फर्म |
| वडा न ६. | सातधारे कृषि तथा पशुपंक्षी फर्म |
| वडा न १. | सगुना बहुउद्देश्यीय घरेलु कृषि तथा पशुपंक्षी फर्म |
| वडा न ३. | कर्मा बहुउद्देश्यीय कृषि तथा पशुपंक्षी पालन फर्म |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.३.५ कृषि तथा पशु सेवासँग सम्बन्धित मानव संसाधन
तालिका नं. 32: कृषिसँग सम्बन्धित जनशक्तिको विवरण
| क्र.सं. | कर्मचारीको नाम | पद | सम्पर्क नं. |
|---|---|---|---|
| 1 | सम्झना जोशी | कृषि प्रसार अधिकृत (सातौँ) | ९८६५५२२५२३ |
| 2 | पवन पौडेल | प्राविधिक सहायक | ९८४०३६२८५९ |
| 3 | लोक बहादुर वली | ना.प्रा.स. | ९८४६६८२०४८ |
| 4 | नेहा तामाङ | ना.प्रा.स. | ९८६३९०७०९० |
| 5 | पुनम रायमाझी | ना.प्रा.स. | ९८६२१८८०८५ |
| 6 | वाहिरमा चेम्जोङ | कृ.अ. | ९८६२९७१५१६ |
| 7 | रमा कुमारी राई | ना.प्रा.स. | ९८४२९०७६३६ |
स्रोत: चौदण्डीगढी नगरपालिकाको कार्यालय
तालिका नं. 33: पशु सेवासँग सम्बन्धित जनशक्तिको विवरण
| क्र.सं. | कर्मचारीको नाम | पद | सम्पर्क नं. | शाखा |
|---|---|---|---|---|
| 1 | डा. विमल सिलवाल | पशु चिकित्सक (अधिकृत सातौँ) शाखा प्रमुख | ९८६०३६६३०३ | पशु सेवा शाखा |
| 2 | विक्रम बस्नेत | पशु स्वास्थ्य प्राविधिक | ९८६०६१२०४४ | ५ नं. वडा |
| 3 | भेषराज कटवाल | पशु सेवा प्राविधिक | ९८६२९३६८५८ | १ नं. वडा |
| 4 | विक्रम वाईवा | नायव पशु स्वास्थ्य प्राविधिक | ९८६९२९०६०९ | पशु सेवा शाखा |
| 5 | शान्तिराम बास्तोला | नायव पशु सेवा प्राविधिक | ९८६२२२६४२८ | ८ नं. वडा |
| 6 | निरोज कुमार दुलाल | सहायक चौथो | ९८२४७२५१८४ | ९,१० नं. वडा |
| 7 | कुमार घिमिरे | पशु सेवा प्राविधिक | ९८६२८७२०९७ | पशु सेवा शाखा |
| 8 | बिन्द्र मगर | कार्यालय सहयोगी | ९७६५७४५४२० | पशु सेवा शाखा |
स्रोत: चौदण्डीगढी नगरपालिकाको कार्यालय
४.३.६ कृषि तथा पशुपालनसँग सम्बन्धित समूह तथा सामुदायिक संस्थाको विवरण
क) कृषक समूहको विवरण
परम्परागत कृषिको व्यवसायिकरण तथा आधुनिकीकरण गर्न अहिले विभिन्न कृषि समूहहरू सञ्चालित छन् । यसले कृषि व्यवसायलाई सहजीकरण गर्नुका साथै कृषि व्यवसायमा केही सेवा सुविधाहरू दिँदै व्यवसायीहरूलाई उर्जा प्रदान गरेको छ । कृषक समूहको विवरणले कुनै पनि नगरपालिकामा कृषि क्षेत्रमा रहेका कृषकको संलग्नता र कृषि क्रियाकलापको अवस्थाको जानकारी गराउनुको साथै आगामी दिनहरूमा के कस्ता कार्यक्रमहरू ल्याउन आवश्यक छ भन्ने कुरालाई सहज बनाउने देखिन्छ । चौदण्डीगढी नगरपालिकामा वि.सं. २०८१ को अन्त्य सम्ममा नविकरण भएका कृषक समूहहरुको विवरण देहाय बमोजिम रहेको छ । हाल नगरपालिकामा विधिवत रुपमा दर्ता भइ नविकरण गरिएका कृषि समुह हरुको विवरण तलको तालिकामा समावेश छ भने अन्य संचालनमा रहेका कृषि समुहको विवरण अनुसूचि २ मा समावेश गरिएको छ ।
तालिका नं. 34: २०८१ को अन्त्य सम्ममा नवीकरण भएका कृषक समूहहरुको विवरण
| क्र.सं. | वडा नं. | नविकरण भएका कृषि समूहरुको संख्या |
|---|---|---|
| 1 | वडा नं. १ | कन्चनरुपा कृषक समूह |
| 2 | वडा नं. २ | चारघरे बहुउद्देश्यीय कृषि तथा पशुपंक्षी कृषक समूह |
| 3 | वडा नं. २ | प्रगतिशील कृषि तथा पशुपंक्षी महिला कृषक समूह |
| 4 | वडा नं. २ | कौवेदेवी कृषि तथा पशुपालन कृषक समूह |
| 5 | वडा नं. २ | सिंहादेवी महिला कृषक समूह |
| 6 | वडा नं. ३ | हात्तिसार बहुउद्देश्यीय कृषक समूह |
| 7 | वडा नं. ३ | राजानागी कृषक समूह |
| 8 | वडा नं. ३ | भोर्लेनी कृषक समूह |
| 9 | वडा नं. ४ | स्वामी टोल बहुउद्देश्यीय कृषि तथा पशुपंक्षी कृषक समूह |
| 10 | वडा नं.४ | लामाखोला कृषक समूह |
| 11 | वडा नं. ५ | उन्नत कृषि तथा बचत कृषक समूह |
| 12 | वडा नं. ५ | त्रियुगा कृषि तथा पशुपंक्षी लघुउद्यमी कृषक समूह |
| 13 | वडा नं. ५ | शिवालय कृषक समूह |
| 14 | वडा नं. ६ | मिर्मिरे कृषक समूह |
| 15 | वडा नं. ८ | दीपज्योति महिला कृषक समूह |
| 16 | वडा नं. ८ | नवजागरण कृषक समूह |
| 17 | वडा नं. ८ | दुधकोशी कृषक समूह |
| 18 | वडा नं. ८ | चेतनशिल कृषक समूह |
| 19 | वडा नं. ९ | जय लक्ष्मी कृषक समूह |
| 20 | वडा नं. ९ | जडिबुटी कृषि विकास कृषक समूह |
| 21 | वडा नं. १० | चौतारी सबल कृषक समूह |
| 22 | वडा नं. १० | सुख सागर महिला सामाजिक परिवार कृषक समूह |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.३.७ संकलन केन्द्र तथा चिस्यान केन्द्र
ठुलोस्तरको कृषि उत्पादन तथा संकलन केन्द्रको व्यवस्था नभएको ग्रामिण परिवेशमा सानो परिमाणमा उत्पादन हुने उपजहरूलाई विभिन्न पायक पर्ने स्थानहरूमा संकलन केन्द्रको रुपमा विकास गर्दा बजारीकरण गर्न सहयोग पुग्दछ । यसरी विभिन्न स्थानमा संकलन केन्द्रको विकास गर्दा व्यापारीहरूलाई निश्चित स्थानबाट निश्चित परिमाणमा उपजहरूमा खरिद गर्न सहयोग पुग्ने हुँदा यसले बजार प्रणालीको विकास गर्न सहयोग पुग्दछ । कृषि उत्पादन वृद्धि गर्नु जति जरुरी छ त्यति नै उत्पादित सामाग्रीहरूको सूरक्षित भण्डारण गर्नु जरुरी हुन्छ । उचित ढङ्गले भण्डारण गर्दा कृषि उपजमा रहेको पोषक तत्वलाई कायम राख्न समेत मद्दत पुग्दछ । भण्डारण वैज्ञानिक नहुँदा एकातर्फ उत्पादित उपजको गुणस्तर कमजोर हुने र नष्ट समेत हुन जान्छ । तसर्थ कृषि उपजलाई वैज्ञानिक तवरले भण्डारण गरी बेमौसममा समेत बजारमा उपलब्धता भए बजार मूल्य सन्तुलनमा राख्न सहयोग पुग्दछ । यसका लागि आवश्यकताका आधारमा विभिन्न स्थानमा चिस्यान केन्द्र, भण्डारण केन्द्र र डेरीहरू स्थापना गर्नु आवश्यक छ । हाल यस नगरपालिकाको वडा नं. ९ मा एक चिस्यान केन्द्र रहेको छ भने पालिकाका व्यापारीहरुले निजी रुपमा सामान्य तथा परम्परागत भण्डारणको व्यवस्था गरी खाद्यान्न व्यापार गर्ने गरेका छन् ।
४.४ पर्यटन विकास
विशिष्ट भौगोलिक संरचनाले सिर्जना गरेको हावापानी, जनजीवन, वन, वनस्पती र वन्यजन्तु तथा साँस्कृतिक विविधताको कारण नेपाल विश्वमा नै एउटा चित्ताकर्षक पर्यटकीय गन्तव्य स्थलको रूपमा परिचित छ । पर्यटन हाम्रा लागि प्रकृतिले दिएको वरदान हो । यी सम्पूर्ण पर्यटकीय सम्पतिको पूर्ण सदुपयोग गरेमा देशको आर्थिक समृद्धिमा उल्लेखनीय योगदान पुर्याई देशको अर्थतन्त्रलाई सबल बनाउन सकिने निश्चित छ । तसर्थ पर्यटन नीति, २०६५ ले मुलभूत रूपमा पर्यटन मार्फत् स्वरोजगार सिर्जना, गरिबी निवारण, मूर्त तथा अमूर्त सम्पदाको खोज अनुसन्धान, हवाई तथा स्थलमार्गको थप विकास र विस्तार गर्ने र पर्यटन पूर्वाधारलाई दिगो विकासको अवधारणा अनुरुप अगाडि बढाउने उद्देश्य लिएको छ । यस नगरपालिकामा पनि पर्यटन विकासका प्रचुर सम्भावनाहरू रहेका छन् ।
नगरपालिकामा शिवालय मन्दिर, बसाहा थान शिवालय मन्दिर, पुष्पलाल चौक पार्क, मिनी अप्राहा झरना, कन्या औल्श्री गुम्बा, द्वारदानी देवी स्थान, थानपोखरी मन्दिर, लिङ्गेश्वर शिवालय लगायत १८० भन्दा बढी ऐतिहासिक, धार्मिक तथा साँस्कृतिक महत्वका स्थलहरू रहेका छन् भने ४४ वटा प्रकृति पद्दत पर्यटकीय स्थलहरु रहेका छन् । यहाँ होमस्टे र साँस्कृतिक पर्यटनको समेत उत्तिकै सम्भावना रहेको छ । राई, मगर र थारु जातीको संस्कृति झल्कने विभिन्न साँस्कृतिक कार्यक्रमहरूलाई समेटेर साँस्कृतिक पर्यटन प्रवर्द्धन गर्न सकिन्छ । यसका साथै नगरपालिकामा कृषि उत्पादन, फलफुल, अन्नबाली, अदुवा, बेसार र कागतीको उत्पादनमा अग्रणी स्थान रहेकाले ती क्षेत्रहरूलाई नमूना कृषि क्षेत्रको रुपमा विकास गर्न सके कृषि पर्यटनलाई आकर्षित गर्न सकिन्छ । तसर्थ हाल पर्यटकहरूका लागि होटल तथा होम स्टेहरूका साथै अन्य आवश्यक सेवा सुविधा विस्तार गर्न आवश्यक रहेको छ ।
यलम्बर पार्क
चौदण्डीगढी दरबार
चौदण्डीगढी
गणेश मन्दिर
शान्तिबाटिका गुम्बा र पार्क
तिनदोभान
किरातेश्वर मन्दिर, तिनदोभान
शिवालय मन्दिर सुन्दरपुर
कालिदह
थानेश्वर मन्दिर
भुतिया दह
नक्सा नं. 6: नगरपालिकाको धार्मिक क्षेत्र नक्शा
४.४.१ धार्मिक स्थल तथा पर्यटकीय स्थलहरूको विवरण
अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य, प्रचुर जैविक विविधता, बहुजातीय, बहुभाषीय, बहुधर्म र सामाजिक विविधता एवं चौदण्डीगढी नगरपालिकामा परम्परागत मन्दिरहरु, प्राकृतिक खोला, झरना, पधेराहरु तथा ऐतिहासिक स्थलहरु रहेका छन् । यस नगरपालिकामा रहेका विभिन्न पर्यटकीय तथा धार्मिक स्थलहरूको विवरण तालिकामा उल्लेख गरिएको छ ।
तालिका नं. 35: पर्यटकीय तथा धार्मिक स्थलहरूको विवरण
| क्र.सं. | नाम | स्थान | महत्व |
|---|---|---|---|
| 1 | बतासे ढुङ्गे भ्यू टावर | वडा नं. १ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 2 | गणेश मन्दिर | वडा नं. १ | धार्मिक तथा साँस्कृतिक |
| 3 | नागदह | वडा नं. १ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 4 | बुङबुङ्गे झरना | वडा नं. १ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 5 | शिवालय मन्दिर | वडा नं. २ | धार्मिक तथा साँस्कृतिक |
| 6 | जलेश्वर महादेव | वडा नं. ३ | धार्मिक तथा साँस्कृतिक |
| 7 | तिन दोभाने ताल | वडा नं. ४ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 8 | बसाहा थान शिवालय मन्दिर | वडा नं. ४ | धार्मिक तथा साँस्कृतिक |
| 9 | शिवालय मन्दिर | वडा नं. ५ | धार्मिक तथा साँस्कृतिक |
| 10 | सुन्दरपुर ताल | वडा नं. ५ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 11 | राधाकृष्ण मन्दिर | वडा नं. ५ | धार्मिक तथा साँस्कृतिक |
| 12 | पुष्पलाल चौक पार्क | वडा नं. ६ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 13 | लिङ्गेश्वर शिवालय | वडा नं. ६ | साँस्कृतिक तथा धार्मिक |
| 14 | काली दह | वडा नं. ६ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 15 | कन्या औल्श्री गुम्बा | वडा नं. ७ | धार्मिक तथा पर्यटकीय |
| 16 | ढोडेनी झरना | वडा नं. ७ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 17 | द्वारदानी देवी स्थान | वडा नं. ७ | साँस्कृतिक तथा धार्मिक |
| 18 | अप्राहा झरना | वडा नं. ८ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 19 | थानपोखरी थान | वडा नं. ९ | साँस्कृतिक तथा धार्मिक |
| 20 | रक्सा दह | वडा नं. ९ | पर्यटकीय क्षेत्र |
| 21 | भुतिया दह | वडा नं. १० | पर्यटकीय क्षेत्र |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.४.२ होटल, रिसोर्ट तथा रेष्टुरेन्ट सम्बन्धी विवरण
कुनै पनि क्षेत्रको विकासका लागि सो क्षेत्रसँग सम्बन्धित सम्पूर्ण पूर्वाधारहरूको समुचित विकास गर्नु अनिवार्य हुन्छ । नेपालमा पर्यटनको प्रचुर सम्भावना भएतापनि पर्यटन पूर्वाधारको अभावका कारण पर्यटन क्षेत्रको व्यापक विकासमा बाधा सिर्जना भएको छ । पर्यटन पूर्वाधार अन्तर्गत सहज यातायात सुविधा, होटल, लज तथा रेष्टुरेन्ट, पर्यटन गाईड, सूचना केन्द्रहरू, उद्धार संयन्त्र, सञ्चार, सूरक्षा तथा पर्यटकीय गतिविधिहरू नै हुन् । पर्यटनको सम्भावना हेरी यी पूर्वाधारहरूको आवश्यकताका आधारमा क्रमशः विकास गर्नु पर्यटन विकासका लागि अपरिहार्य छ । यस नगरपालिकामा रहेका होटेल, रिर्सोट तथा रेष्टुरेन्टहरुको विवरण तालिकामा उल्लेख गरिएको छ ।
तालिका नं. 36: पालिकामा रहेका होटल, रिसोर्ट तथा रेष्टुरेन्ट सम्बन्धी विवरण
| क्र.सं. | होटल, रिसोर्ट तथा रेष्टुरेन्टको नाम | सञ्चालकको नाम | सम्पर्क नम्बर |
|---|---|---|---|
| 1 | मिनि हाउस होटल | सोम बहादुर मगर | ९८२६०८८३०३ |
| 2 | न्यू ग्यालेक्सी होटल एण्ड लज | निर्मला बस्नेत | ९८६३५९८०६० |
| 3 | हेल्लो सेफ | सुनिता गिरी | ९८६३४४०३२४ |
| 4 | दरबार होटल एण्ड लज | बाल कुमार राई | ९८१९९५८७५७ |
| 5 | आरबि, धराने होटल | बल बहादुर बस्नेत | ९८४२०३९६८४ |
| 6 | होटल रोयल | कञ्चन राउत | ९८१९७४१०४१ |
| 7 | होटल हलेसी एण्ड लज | नरमाया कार्की | ९८४२९०७५९१ |
| 8 | बेल्बोट होटल एण्ड रिसोर्ट | प्रमोद जङ्ग राई | ९८१९९३२७९४ |
| 9 | हेमन्त क्याफे एण्ड बार | ९८०५९००८४५ | |
| 10 | हेल्लो सेफ रेष्ट्रो बार | कल्याण गिरी/जितेन्द्र राई | ९८६३४४०३२४ |
| 11 | अधिकारी होटल एण्ड लज | अन्जनी कुमार अधिकारी | ९८५२८३८८८० |
| 12 | होटल बेल | ९८५१००५९१३ | |
| 13 | लाफा खाजा घर | पम्फा मगर | ८९०३६७२५५५ |
| 14 | नमुना चौधरी चिया नास्ता होटल | राज नारायण चौधरी | ९८११७४९४१४ |
| 15 | हलेसी लाईन होटल एण्ड पेडा भण्डार | उमेश यादव | ९८०५९२३९९६ |
| 16 | सूर्य होटल एण्ड खाजा घर | सूर्य बहादुर तामाङ | ९८६३८४४७५८ |
| 17 | रोड साईड खाजा घर | ९८०४७९८३८१ | |
| 18 | पुरानो वावा बुढोको पेडा भण्डार एण्ड होटल | अर्जुन कुमार गुप्ता | ९८१९७४३७४४ |
| 19 | होटल क्वालिटी एण्ड सेकुवा कर्नर | ९७४५२७६९६८ | |
| 20 | चौदण्डी खाजा घर | मालती राई | ९७४६९८४६५८ |
| 21 | चौधरी लाईन होटल एण्ड पेडा भण्डार | जिगर कुमार चौधरी | ९८१४७४०४३० |
| 22 | पुजा | मेनुका कार्की | ९७०२९७८२९५ |
| 23 | गिता खाना नास्ता चिया पसल | ९८२९७१४३०१ | |
| 24 | समृद्धि किराना तथा खाजा घर | जानुका विष्ट | ९८२४९३८४४४ |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.५ उद्योग व्यापार तथा बैङ्किङ
कृषिको विकास पश्चात् कुनै पनि देशको आर्थिक क्रान्तिका लागि आवश्यक क्षेत्र भनेको उद्योग नै हो । औद्योगिक विकासका लागि राणाशासन कालदेखि नै विभिन्न प्रयासहरू हुँदै आए तापनि औद्योगिक क्रान्ति नै हुने प्रकारका ठुला स्तरका उद्योगहरू नेपालमा खुल्न सकेका छैनन् । भएका उद्योगहरू समेत रुग्ण हुँदै बन्द हुनु दुर्भाग्यपूर्ण अवस्था हो । कृषिको विकास सँगसँगै कृषि र स्थानीय कच्चा पदार्थमा आधारित उद्योगहरूको स्थापना गरी नेपालका उत्पादनहरूको उपभोग विश्व बजारमा पुर्याउन सकेमात्र नेपाल अतिकम विकसित राष्ट्रबाट माथि उठ्ने आधार तयार हुन्छ । यस नगरपालिकामा साना तथा ठूला गरी जम्मा ३५१ वटा व्यापार व्यवसाय तथा उद्योगहरु दर्ता भइ सञ्चालनमा रहेका छन् भने बैङ्किङ सेवाका लागि नेपाल एस.बी.आई. बैङ्क लि., कृषि विकास बैङ्क लि., सिद्धार्थ बैङ्क लि. र राष्ट्रिय बाणिज्य बैङ्कको शाखा सञ्चालनमा रहेको छ । उद्योगलाई प्रवर्द्धन गर्न स्थानीय श्रोतमा आधारित साना तथा मझौला उद्योगहरूलाई उत्तिकै प्राथमिकता र प्रोत्साहन गर्न जरुरी हुन्छ । नगरपालिकामा दर्ता भइ सञ्चालनमा रहेका व्यापार व्यवसाय तथा उद्योग सम्बन्धी विवरण तालिकामा उल्लेख गरिएको छ ।
| क्र.सं. | व्यापार तथा उद्योगहरु सम्बन्धी विवरण | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | उत्पादनमूलक उद्योग | 9 |
| 2 | उर्जामूलक उद्योग | 107 |
| 3 | घ वर्ग श्रेणी निर्माण | 61 |
| 4 | दैनिक उपभोग खाद्य पदार्थ, सूर्ति, कपडा आदिको खुद्रा व्यापार | 137 |
| 5 | व्यवसाय कर/व्यापारिक वस्तु | 32 |
| 6 | विशेषज्ञ परामर्श तथा अन्य व्यवसायिक सेवाहरु | 5 |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.५.१ औद्योगिक विकास (लघु, घरेलु, साना, मझौला, ठूला उद्योग, सरकारी, पब्लिक, निजी र सहकारी)
औद्योगिक विकासका लागि राणा शासन कालदेखि नै विभिन्न प्रयासहरू हुँदै आएतापनि औद्योगिक क्रान्ति नै हुने प्रकारका ठुला स्तरका उद्योगहरू नेपालमा खुल्न सकेका छैनन् । भएका उद्योगहरू समेत रुग्ण हुँदै बन्द हुनु दुर्भाग्यपूर्ण अवस्था हो । कृषिको विकास सँगसँगै कृषि र स्थानीय कच्चा पदार्थमा आधारित उद्योगहरूको स्थापना गरी नेपालका उत्पादनहरूको उपभोग विश्व बजारमा पुर्याउन सकेमात्र नेपाल अतिकम विकसित राष्ट्रबाट माथि उठ्ने आधार तयार हुन्छ । उद्योगलाई प्रवर्द्धन गर्न स्थानीय श्रोतमा आधारित साना तथा मझौला उद्योगहरूलाई उत्तिकै प्राथमिकता र प्रोत्साहन गर्न जरुरी हुन्छ । साना उद्योग, कृषिमा आधारित सबै प्रकारका उद्योगहरू, घरेलु उद्योग, मझौला उद्योग, ठूला उद्योग, सेवामूलक उद्योग, सरकारी उद्योग, समुदायमा आधारित उद्योग, संकलन तथा प्रशोधन सम्बन्धी उद्योग नगरपालिकामा ठुला उद्योगहरू सञ्चालनमा आउन नसके पनि नगरपालिकामा राइस मिल, किराना पसल, कपडा पसल, फलफुल तथा तरकारी पसल, हार्डवेयर, पुस्तक तथा पत्रपत्रिका पसल, फर्निचर, भाँडा पसल, फोटो स्टुडियो, मेडिकल हल, गल्ला तथा रेष्टुरेन्ट लगायतका व्यवसायहरु विधिवत रुपमा दर्ता भइ संचालनमा रहेका छन् जसले नगरपालिकाको आर्थिक विकासमा टेवा पुर्याएको छ ।
४.५.२ व्यापार/व्यवसाय सम्बन्धी विवरण
व्यापार कृषि र उद्योग क्षेत्रको विकाससँग अनोन्याश्रित सम्बन्ध भएको क्षेत्र हो । कृषि र उद्योग मार्फत उत्पादित सामाग्रीहरूलाई राष्ट्रिय र अन्तराष्ट्रिय बजारमा पुर्याउने माध्यम व्यापार भएकाले व्यापार र बाणिज्यको विकास अत्यन्त महत्वपूर्ण हुन्छ । स्थानीय तहहरू आर्थिक रुपले सबल हुन स्थानीय उत्पादनमा सबल भई निर्यात गर्न सक्ने अवस्थामा पुग्नु पर्दछ । आफ्नो क्षेत्रभन्दा बाहिर उत्पादित सामाग्रीहरूको व्यापार गरेर अर्थतन्त्र माथि उठ्न सक्दैन् । यसका लागि कुनै न कुनै प्रकारले स्थानीय उत्पादनमा केन्द्रीत भई यस्ता उत्पादनहरूलाई निर्यात गर्न सक्नुपर्दछ । नगरपालिकाबाट प्राप्त पछिल्लो तथ्याङ्क अनुसार पालिकामा विधिवत रुपमा दर्ता भइ १३७ वटा व्यापार व्यवसायहरु सञ्चालनमा रहेका छन् ।
४.५.३ खनिज तथा खानी सम्बन्धी विवरण
खनिज तथा खानीको अध्ययन र उत्खननका साथै प्रशोधनका क्षेत्रमा नेपाल अत्यन्त पछाडि परेको छ । प्रविधि, जनशक्ति र ठोस योजनाको अभावका कारण नेपालको खानी तथा खनिज क्षेत्र झण्डै कुमारी अवस्थामा नै छ । यस क्षेत्रबाट लाभ लिन स्थानीय तहहरूले आफ्नो क्षेत्रमा यस सम्बन्धी अध्ययन तथा अनुसन्धान गराउनु आवश्यक छ । नगरपालिकामा रहेका ताप्रांग खोला, देवी खोला, भडोली खोला, घोरमुना खोला, लाटी खोला, सुघरे खोला, करम्जे खोला लगायतका खोला तथा नदीबाट उपलब्ध हुने कच्चा पदार्थमा रोडा, ढुंगा, बालुवा आदि प्रशस्त मात्रामा पाइन्छ । त्यसैले नगरपालिकामा रहेका सम्भावना पहिल्याएर विभिन्न प्राकृतिक साधनको प्रशोधन गर्न सकेको खण्डमा उद्योगको विकास तथा अर्थतन्त्रको बलियो सम्भावना देखिन्छ । हाल सञ्चालित आयोजनाहरूले पनि यसलाई थप पुष्टि गर्दछन् । तर, यिनीहरूको वैज्ञानिक व्यवस्थापन हुन भने जरुरी देखिन्छ ।
४.५.४ स्थानीय बजार तथा व्यापारिक केन्द्रहरूको विवरण
देशका ठुला शहरहरू बाहेक ग्रामिण इलाकाहरूमा सघन बस्तीहरू भएका क्षेत्रमा मानवीय गतिविधिहरू जस्तैः शिक्षा, स्वास्थ्य, अन्य सेवा, व्यापार तथा बाणिज्य केन्द्रीत भएको पाइन्छ । यस्ता केन्द्रहरूलाई नै बजार केन्द्रहरू भनिन्छ । शहरी विकास र सुविधाका दृष्टिकोणले पूर्ण रुपमा विकास हुन नसकेता पनि भविष्यमा विकसित हुन सक्ने क्षेत्रका रुपमा यस्ता केन्द्रहरूमा मानवीय गतिविधिहरू केन्द्रीत र विकसित भईरहेको पाईन्छ । उपयुक्तता हेरी नयाँ क्षेत्रमा बजारको विकास गर्न नसकिने होइन । तथापि केही मात्रामा विकसित भइसकेका यस्ता क्षेत्रहरूमा थप विकास गर्न सहज भने हुन्छ । यस नगरपालिकाका मुख्य बजार केन्द्र तथा व्यापारिक केन्द्रहरु सम्बन्धी विवरण तालिकामा प्रस्तुत गरिएको छ ।
तालिका नं. 37: प्रमुख बजार सम्बन्धी विवरण
| क्र.सं. | नाम | वडा नं. |
|---|---|---|
| 1 | बेल्टार बजार | वडा नं ६ र ७ |
| 2 | विरेन्द्र बजार | वडा नं ८ |
| 3 | बर्खेडाँडा बजार | वडा नं ४ |
| 4 | शनिबारे बजार | वडा नं ४ |
| 5 | भोर्लेनी बजार | वडा नं ३ |
| 6 | हडिया बजार | वडा नं १० |
| 7 | शिवाई बजार | वडा नं ५ |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.५.५ बैङ्क तथा वित्तीय संस्था सम्बन्धी विवरण
आधुनिक अर्थव्यवस्थामा आर्थिक कारोबार बैङ्कबाट हुँदा त्यो व्यवस्थित र सहज हुन जान्छ । बैङ्किङ प्रणालीहरूमा व्यापक विकास भइरहँदा उनीहरूले प्रदान गर्ने सेवाहरू समेत विस्तार हुँदै गइरहेका छन् । हाल विभिन्न बैङ्कहरूले ए.टी.एम. सेवा, भिसा कार्ड सेवा महशुल भुक्तानी सेवा लगायत बीमाहरूको समेत व्यवस्था गरेका छन् । यसर्थ आधुनिक आर्थिक प्रणालीमा ग्रामिण जनताहरूको समेत बैङ्किङ सेवामा पहुँच पुर्याउन अपरिहार्य जस्तै भइसकेको छ । यस नगरपालिकामा रहेका नेपाल एस.बि.आई. बैङ्क लि., कृषि विकास बैङ्क लि., सिद्धार्थ बैङ्क लि., राष्ट्रिय बाणिज्य बैङ्क लि. को शाखा मार्फत बैङ्किङ सेवा प्रवाह भइरहेको छ भने यसका अलावा नेरुडे मिर्मिरे लघुवित्त वित्तीय संस्था लि., छिमेक लघुवित्त वित्तीय संस्था लि., श्रृजनशिल लघुवित्त वित्तीय संस्था, फरवार्ड माइक्रोफाइनान्स लघुवित्त वित्तीय संस्था लि., जिवन विकास लघुवित्त वित्तीय संस्था लि., माहुली लघुवित्त वित्तीय संस्था लि. लगायतका लघुवित्त रहेकाले नगरपालिकाको वित्तीय सेवामा पहुँच भने कमजोर देखिदैन् । यस नगरपालिकामा रहेका बैङ्क तथा वित्तीय संस्थाहरु सम्बन्धी विवरण तालिकामा उल्लेख गरिएको छ ।
तालिका नं. 38: बैकं तथा वित्तिय संस्था सम्बन्धि विवरण
| क्र.सं. | बैङ्क तथा वित्तीय संस्थाको नाम | प्रकार |
|---|---|---|
| 1 | नेरुडे मिर्मिरे लघुवित्त वित्तीय संस्था लि. | घ वर्ग लघुवित्त |
| 2 | नेपाल एस.बि.आई बैङ्क लि. | क वर्ग ठूला वाणिज्य बैङ्क |
| 3 | छिमेक लघुवित्त वित्तीय संस्था लि. | घ वर्ग लघुवित्त |
| 4 | श्रृजनशील लघुवित्त वित्तीय संस्था | घ वर्ग लघुवित्त |
| 5 | फरवार्ड माइक्रोफाइनान्स लघुवित्त वित्तीय संस्था लि. | घ वर्ग लघुवित्त |
| 6 | जिवन विकास लघुवित्त वित्तीय संस्था लि. | ग्रामिण स्वालम्बन बैङ्क |
| 7 | कृषि विकास बैङ्क लि. | ख वर्ग मझौला विकास बैङ्क |
| 8 | महुली लघुवित्त वित्तीय संस्था लि. | घ वर्ग लघुवित्त |
| 9 | सिद्धार्थ बैङ्क लि. | क वर्ग ठूला वाणिज्य बैङ्क |
| 10 | राष्ट्रिय बाणिज्य बैङ्क | क वर्ग ठूला वाणिज्य बैङ्क |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय
४.५.६ सहकारी संस्थाहरूको विवरण
नगरपालिकाको आर्थिक तथा सामाजिक विकासमा यहाँका सहकारी संस्थाको भूमिका महत्वपूर्ण रहेको छ । सहकारी संस्थाले स्थानीयस्तरको बचतलाई नगरपालिका बाहिर जानबाट रोकी स्थानीय क्षेत्रमा विभिन्न आयमूलक कार्यमा लगानी गरिरहेका छन् । सहकारी संस्थाप्रति जनताको अपनत्व बढी र छ । नगरको उद्योग व्यापार क्षेत्रमा लगानी गर्ने उद्देश्यका साथ बचत तथा ऋण, कृषि, उपभोक्ता र बहुउद्देश्यीय आदि प्रकृतिका सहकारी संस्थाहरूबाट कर्जा लगानी हुने गरेको छ । साथै यी संस्थाहरूले नियमित रुपमा सदस्यहरूबाट बचत संकलन पनि गर्दै आएको देखिन्छ । यी सहकारी संस्थाहरूबाट कृषि, उद्योग तथा व्यापार क्षेत्रमा लगानी हुने गरेको छ । यस नगरपालिकामा रहेका सहकारी संस्थाहरू सम्बनधी विवरण तलको तालिकामा उल्लेख गरिएको छ ।
तालिका नं. 39: नगरपालिकामा रहेका सहकारी संस्थाहरू सम्बन्धी विवरण
| क्र.सं. | सहकारी संस्थाहरूको नाम | प्रकार | ठेगाना |
|---|---|---|---|
| 1 | राधाकृष्ण कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–५ |
| 2 | मालती कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 3 | कालिखोला कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–४ |
| 4 | सप्तकोशी बचत तथा ऋण सहकारी संस्था लि. | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–६ |
| 5 | समाबेशी महिला बचत तथा ऋण सहकारी संस्था लि. | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–६ |
| 6 | साझा सहकारी संस्था लि. | चौ.न.पा–६ | |
| 7 | श्री पञ्चमी बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था लि. | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–६ |
| 8 | युनिक बचत तथा ऋण सहकारी संस्था लि. | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–१० |
| 9 | बुद्धनगर कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 10 | साना किसान कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–७ |
| 11 | लालिगुराँस महिला बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था लि. | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–४ |
| 12 | डिहवार कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–९ |
| 13 | उच्चज्योती महिला बचत तथा ऋण सहकारी संस्था लि | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–८ |
| 14 | बेल्टार कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–६ |
| 15 | पारिजात कृषि सहकारी संस्था लि | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 16 | उदयीमान बचत तथा ऋण सहकारी संस्था | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–६ |
| 17 | नवदुर्गा म.बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–५ |
| 18 | थान पोखरी बचत तथा ऋण सहकारी संस्था | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–९ |
| 19 | नवदुर्गा बचत तथा ऋण सहकारी संस्था | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–७ |
| 20 | भिमसेन कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 21 | हरियाली कृषि सहकारी संस्था लि. | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–८ |
| 22 | महिला जागरण बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–१० |
| 23 | उन्नतिशिल कृषि सहकारी संस्था लि | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 24 | जनोउत्थान कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 25 | दिगो कृषि प्रविधि तथा सूचना सहकारी | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 26 | अम्बिका बहुउद्देश्यीय सहकारी | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–१० |
| 27 | मिलन कृषि सहकारी | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१० |
| 28 | उर्जाशिल कृषि सहकारी | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–९ |
| 29 | सिर्जनशिल बचत तथा ऋण | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–९ |
| 30 | त्रिशक्ती स्वावलम्बन बचत तथा ऋण | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–९ |
| 31 | महिला साना किसान कृषि सहकारी | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–८ |
| 32 | सिद्धबाबा कृषि सहकारी | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–८ |
| 33 | जन–उपभोक्ता सहकारी संस्था | उपभोक्ता | चौ.न.पा–८ |
| 34 | पारुहाङ कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–७ |
| 35 | सुखशान्ती म बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–७ |
| 36 | प्रकृती म बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–७ |
| 37 | ममता बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–७ |
| 38 | सुम्निमा बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–७ |
| 39 | चोमालोङ्गमा उपभोक्ता सहकारी | उपभोक्ता | चौ.न.पा–७ |
| 40 | शिवालय कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–६ |
| 41 | आस्था बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–६ |
| 42 | छहारी कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–६ |
| 43 | पञ्चमी बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–६ |
| 44 | नवबिहानी कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–५ |
| 45 | शिवाई कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–५ |
| 46 | शिवशक्ति बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–५ |
| 47 | घरगाउँ कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–४ |
| 48 | हंशकाली कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–४ |
| 49 | उदयपुर कर्मतारा बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–४ |
| 50 | सहयात्री बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–४ |
| 51 | निश्चल उपभोक्ता सहकारी संस्था | उपभोक्ता | चौ.न.पा–४ |
| 52 | अन्नपूर्ण कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–४ |
| 53 | सूर्यज्योती महिला बहुउद्देश्यीय सहकारी | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–१ |
| 54 | विशासय कालिका बचत तथा ऋण सहकारी | बचत तथा ऋण | चौ.न.पा–१ |
| 55 | दुधकोशी उपभोक्ता सहकारी संस्था | उपभोक्ता | चौ.न.पा–१ |
| 56 | त्रियुगा कृषि सहकारी संस्था | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–६ |
| 57 | महिला साना किसान कृषि सहकारी | कृषि सहकारी | चौ.न.पा–१ |
| 58 | साझा सहकारी संस्था लि. | चौ.न.पा– | |
| 59 | साझा सहकारी संस्था लि. | चौ.न.पा– | |
| 60 | पञ्चकन्या बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था | बहुउद्देश्यीय | चौ.न.पा–६ |
स्रोत: नगर कार्यपालिकाको कार्यालय